नेतृत्व और प्रेरणा: युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए जगाना

September 19, 2020

एक सैनिक का काम केवल युद्ध के मैदान में लड़ना नहीं, बल्कि शांति काल में देश के युवाओं को सही दिशा दिखाना भी है। जब मैं मंच पर खड़ा होता हूँ और युवा पीढ़ी को संबोधित करता हूँ, तो मेरा उद्देश्य केवल अपने सैन्य अनुभवों को साझा करना नहीं होता, बल्कि उनके दिलों में सोई हुई देशभक्ति और कर्तव्य की भावना को जगाना होता है।

यह वर्दी मुझे वह अधिकार और जिम्मेदारी देती है कि मैं आने वाली पीढ़ी को बता सकूं कि असली हीरो वह है जो देश और समाज के लिए जीता है।

मेरी आवाज का एक ही उद्देश्य – हर युवा बने राष्ट्र रक्षक

आज ‘नवभारत चेतना संस्थान’ के माध्यम से मैं उसी मंच का उपयोग समाज में बदलाव लाने के लिए कर रहा हूँ। मेरा प्रयास है कि मैं अपनी आवाज और अपने अनुभव का प्रयोग करके लोगों को सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित कर सकूं।

चाहे वह कॉलेज के छात्र हों या समाज के प्रबुद्ध नागरिक, मैं सबको यह याद दिलाना चाहता हूँ कि भारत को ‘विकसित’ बनाने की जिम्मेदारी सरकार से ज्यादा हम नागरिकों की है। मेरा नेतृत्व अब केवल एक बटालियन तक सीमित नहीं है, अब यह पूरे समाज को साथ लेकर चलने का अभियान है।